The attraction Diaries
ओम नमो आदेश गुरु का। गिरह-बाज नटनी का जाया, चलती बेर कबूतर खाया, पीवे दारू खाय जो मांस, रोग-दोष को लावे पांस। कहां-कहां से लावेगा ? गुदगुद में सुद्रावेगा, बोटी-बोटी में से लावेगा, चाम-चाम में से लावेगा, नौ नाड़ी बहत्तर कोठा में से लावेगा, मार-मार बंदी कर लावेगा। न लावेगा तो अपनी माता की सेज पर पग रखेगा। मेरी भक्ति गुरु की शक्ति, फुरो मंत्र ईश्वरी वाचा।
वशीकरण और सुरक्षा: शाबर मंत्रों का उपयोग वशीकरण और आत्म-सुरक्षा के लिए किया जाता है।
जिसके कारण यह कुछ राशियों को शुभ फल देता है तो कुछ राशियों को अशुभ फल देता है और अगर आध्यात्मिक की दृष्टि से देखा जाए तो ग्रहण काल का समय साधकों के लिए किसी प्रकार के वरदान से कम नहीं होता है.
शत्रु निवारण: शत्रुओं से बचाव और उनकी गलत नीयत को समाप्त करने में शाबर मंत्र प्रभावी होते हैं।
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शाबर मंत्र को सिद्ध करते समय इन नियमों का पालन करें
ॐ वज्र मुस्ठी वज्र किवाड़। वज्र बाँधों दश द्वार।
जियति संचारे। किलनी पोतनी। अनिन्तुश्वरि करे।
साधना के लिए एक निश्चित समय और स्थान का पालन करें।
जानिए शाबर मंत्र पढ़ने के नियम, तांत्रिक परंपरा का हिस्सा है ये मंत्र
इसी तरह लगातार जप का अभ्यास करते रहने से आपके चित्त में वह मंत्र इस कदर जम जाता है कि फिर नींद में भी वह चलता रहता है और अंतत: एक दिन वह मंत्र सिद्ध हो जाता है। दरअसल, मन जब मंत्र के अधीन हो जाता है तब वह सिद्ध होने लगता है। अब सवाल यह उठता है कि सिद्ध होने के बाद क्या होता है या कि उसका क्या लाभ? आओ अगले पन्नों पर इसे जानते हैं।
उसके बाद जैसे ही सूर्य ग्रहण चालू होता है तो सूर्य ग्रहण चालू होने के बाद आप अपनी पूजा की जगह से किसी अन्य जगह पर जाकर बैठ जाए और फिर सामने घी का दीपक जलाएं और फिर उसके बाद अपने हाथ में थोड़ा सा पानी लेकर संकल्प लेकर साबर check here मंत्र जपना शुरू कर दे.
साधना शान्त, नियत स्थान पर एकांत में ही करें।
साधना के समय एकांत में रहें और अन्य गतिविधियों से बचें।